अपनी मौजूदा सैलरी से तय करें कि कितनी सैलरी माँगें: न्यूनतम स्वीकार्य आँकड़ा, टारगेट और शुरुआती माँग। या किसी ऑफ़र के पूरे पैकेज की क़ीमत आँकें। रुपये (LPA), डॉलर और भी।
टूल के बटन और संदेश अभी अंग्रेज़ी में हैं। टूल का काम करने का तरीका अंग्रेज़ी पेज जैसा ही है।
इस टूल के बारे में
सैलरी कैलकुलेटर के बारे में
सैलरी कैलकुलेटर दो सवालों के जवाब देता है। पहला: मुझे कितना माँगना चाहिए? अपनी मौजूदा फ़िक्स्ड और वेरिएबल सैलरी और जितनी बढ़ोतरी चाहते हैं वह डालें, और यह आपको तीन आँकड़े देता है: न्यूनतम स्वीकार्य आँकड़ा (walk-away, यानी सबसे कम जो आप स्वीकार करेंगे), टारगेट, और टारगेट से लगभग 10% ऊपर शुरुआती माँग, ताकि मोलभाव की गुंजाइश रहे। आपको टैक्स से पहले की मासिक रक़म भी दिखती है। दूसरा: यह ऑफ़र असल में कितने का है? बेस सैलरी, बोनस प्रतिशत, जॉइनिंग बोनस, नियोक्ता का रिटायरमेंट योगदान (PF, 401(k) मैच या पेंशन), इक्विटी ग्रांट और वेस्टिंग अवधि, और दूसरे सालाना फ़ायदे डालें। कैलकुलेटर दिखाता है कि हर साल आप कितनी सालाना वैल्यू की उम्मीद कर सकते हैं, जॉइनिंग बोनस के साथ पहले साल का कुल, और ऑफ़र आपकी मौजूदा सैलरी से कैसा है। यह लाख वाली फ़ॉर्मेटिंग और LPA के साथ भारतीय रुपये, US डॉलर, यूरो, पाउंड और दूसरी करेंसी में काम करता है, और आपके इलाक़े के हिसाब से समझदार डिफ़ॉल्ट चुनता है। आपके आँकड़े सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में याद रखे जाते हैं। सभी रक़में टैक्स से पहले की हैं, और इक्विटी की वैल्यू आज की क़ीमत पर आँकी जाती है।
सैलरी कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
1
अपनी मौजूदा सैलरी डालें
अपनी फ़िक्स्ड सैलरी और असल में मिलने वाली वेरिएबल सैलरी जोड़ें।
2
बढ़ोतरी चुनें
10–50% चुनें या अपना आँकड़ा टाइप करें।
3
अपनी रेंज देखें
अपना न्यूनतम स्वीकार्य आँकड़ा, टारगेट और शुरुआती माँग देखें।
4
ऑफ़र आँकें
किसी पैकेज को हिस्सों में बाँटने और आज की सैलरी से तुलना करने के लिए “Value an offer” पर जाएँ।
मुख्य खूबियाँ
अंदाज़ा नहीं, एक रेंज
न्यूनतम आँकड़ा, टारगेट और शुरुआती माँग आपको मोलभाव की एक योजना देते हैं।
भारत के लिए भी बना
रुपये की रक़में लाख वाली फ़ॉर्मेटिंग में दिखती हैं और साथ में LPA भी।
पूरे पैकेज की तस्वीर
बोनस, इक्विटी वेस्टिंग, रिटायरमेंट योगदान और फ़ायदे, सब एक सालाना आँकड़े में।
पहला साल बनाम हर साल
जॉइनिंग बोनस अलग दिखाया जाता है ताकि एक बार की रक़म तुलना को फुला न दे।
1 / 2
इसे कौन इस्तेमाल करता है
कॉल से पहले अपना आँकड़ा जानें
नौकरी बदलना
“आपकी सैलरी की उम्मीद क्या है?” का जवाब तैयार करें।
उदाहरणमौजूदा 10 LPA पर 30% का टारगेट 13 LPA देता है।
ऑफ़र पर मोलभाव
रिक्रूटर के कॉल से पहले अपना न्यूनतम आँकड़ा तय कर लें।
उदाहरणअपनी शुरुआती माँग के आसपास काउंटर करें, टारगेट के आसपास तय करें।
ऑफ़र जाँचना
बोनस और इक्विटी वाले पैकेज को एक सालाना वैल्यू में बदलें।
उदाहरणदेखें कि बढ़ोतरी फ़िक्स्ड सैलरी में है या वेरिएबल में।
विदेश जाना
नई नौकरी की करेंसी में हिसाब लगाएँ।
उदाहरणविदेश की नौकरी के लिए यूरो या दिरहम पर स्विच करें।
पहली नौकरी के ऑफ़र
समझें कि CTC का हर हिस्सा हर साल क्या मायने रखता है।
उदाहरणजॉइनिंग बोनस सिर्फ़ पहले साल में गिना जाता है।
रिक्रूटर
उम्मीदवार को समझाएँ कि ऑफ़र के हिस्से कैसे जुड़ते हैं।
उदाहरणसालाना वैल्यू और पहले साल का कुल दिखाएँ।
मोलभाव के सुझाव
आत्मविश्वास से माँगें
बाज़ार की जानकारी लें
अपनी बढ़ोतरी तय करने से पहले अपने शहर में मिलती-जुलती भूमिकाओं के हाल के ऑफ़र देखें।
रेंज से एंकर करें
ऐसी रेंज बताएँ जो आपके टारगेट के पास से शुरू हो, न्यूनतम आँकड़े से नहीं।
पहले फ़िक्स्ड सैलरी
ज़्यादातर बढ़ोतरी फ़िक्स्ड सैलरी में माँगें; बोनस की गारंटी नहीं होती।
अपना न्यूनतम आँकड़ा जानें
पहले से तय कर लें कि सबसे कम कितना स्वीकार करेंगे।
बराबरी से तुलना करें
हर ऑफ़र के लिए एक ही सालाना आधार इस्तेमाल करें, एक बार वाले बोनस के बिना।
न्यूनतम आँकड़ा, टारगेट और शुरुआती माँग कैसे निकाले जाते हैं?
टारगेट = मौजूदा कुल सैलरी × (1 + आपकी बढ़ोतरी)। न्यूनतम आँकड़ा 10 प्रतिशत अंक कम इस्तेमाल करता है (जैसे 30% चुनने पर 20%)। शुरुआती माँग टारगेट से लगभग 10% ऊपर होती है, ताकि मोलभाव की गुंजाइश रहे।
कितनी बढ़ोतरी माँगनी चाहिए?
यह आपके क्षेत्र, शहर, अनुभव और आपके कौशल की माँग पर निर्भर करता है। मिलती-जुलती भूमिकाओं के हाल के ऑफ़र देखें और अपनी इंडस्ट्री के लोगों से बात करें, फिर जो आँकड़ा सही बैठे उसे चुनें।
LPA क्या है?
Lakhs per annum: लाख रुपये में सालाना रक़म। ₹12,00,000 सालाना यानी 12 LPA।
आँकड़े टैक्स से पहले के हैं या बाद के?
टैक्स से पहले के। हाथ में आने वाली सैलरी आपके टैक्स रिजीम, कटौतियों और आप कहाँ रहते हैं, इस पर निर्भर करती है।
इक्विटी कैसे गिनी जाती है?
आज की वैल्यू पर कुल ग्रांट को वेस्टिंग अवधि से भाग देकर सालाना रक़म निकाली जाती है। इसकी असली वैल्यू ऊपर या नीचे जा सकती है।
रिटायरमेंट योगदान में क्या डालें?
बेस सैलरी के प्रतिशत के रूप में नियोक्ता का हिस्सा, जैसे भारत में नियोक्ता का PF योगदान या US में 401(k) मैच।
क्या मेरे आँकड़े सेव होते हैं?
सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में, ताकि लौटने पर वे मौजूद रहें। वे कभी अपलोड नहीं होते।