किसी भी पेज के Core Web Vitals (LCP, INP और CLS) असली Chrome यूज़र्स के डेटा से जाँचें, साथ में Lighthouse लैब टेस्ट भी, मोबाइल या डेस्कटॉप पर।
टूल के बटन और संदेश अभी अंग्रेज़ी में हैं। टूल का काम करने का तरीका अंग्रेज़ी पेज जैसा ही है।
इस टूल के बारे में
Core Web Vitals चेकर के बारे में
Core Web Vitals चेकर वे तीन मेट्रिक दिखाता है जिनसे Google पेज के अनुभव को आँकता है: Largest Contentful Paint (मुख्य कंटेंट दिखने में कितना समय लगता है), Interaction to Next Paint (पेज टैप और क्लिक पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देता है) और Cumulative Layout Shift (लेआउट कितना उछलता-खिसकता है)। डेटा Google PageSpeed Insights से आता है। पहला हिस्सा Chrome User Experience Report का असली यूज़र्स वाला डेटा है: पिछले 28 दिनों में असली विज़िटर्स ने जो अनुभव किया उसका 75वाँ पर्सेंटाइल, जिसे "Good", "Needs improvement" या "Poor" रेटिंग दी जाती है। जब किसी पेज पर अपने पर्याप्त विज़िटर नहीं होते, तो Google उसकी जगह पूरी साइट का डेटा दिखाता है, और ऐसा होने पर टूल आपको बताता है। नई या छोटी साइटों के पास असली यूज़र्स का कोई डेटा बिल्कुल न हो, ऐसा भी हो सकता है। दूसरा हिस्सा Google का उसी समय चलाया गया Lighthouse लैब टेस्ट है, जिसमें परफ़ॉर्मेंस स्कोर, LCP, CLS और Total Blocking Time होते हैं। टेस्ट से पहले मोबाइल या डेस्कटॉप चुनें। नतीजे 10 मिनट के लिए कैश किए जाते हैं। फ़ील्ड डेटा हर मेट्रिक की रेटिंग और Google के टारगेट के साथ दिखाया जाता है, जिसमें Time to First Byte भी शामिल है, ताकि आप देख सकें कि कौन सा मेट्रिक पेज को पीछे खींच रहा है। क्योंकि फ़ील्ड के आँकड़े असली विज़िट का 28 दिनों का औसत हैं, आज किया गया सुधार लैब स्कोर में तुरंत दिख जाता है, लेकिन असली यूज़र्स वाले आँकड़ों में बदलाव आने में चार हफ़्ते तक लग सकते हैं। सिर्फ़ सार्वजनिक वेब पेज ही टेस्ट किए जा सकते हैं।
Core Web Vitals चेकर का इस्तेमाल कैसे करें
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पेज का URL डालें
जिस पेज को टेस्ट करना है उसका पूरा पता पेस्ट करें।
2
मोबाइल या डेस्कटॉप चुनें
Google रैंकिंग मुख्य रूप से मोबाइल डेटा पर करता है, इसलिए मोबाइल से शुरू करें।
3
टेस्ट चलाएँ
Google पेज लोड करके उसका विश्लेषण करता है। इसमें 30 सेकंड तक लग सकते हैं।
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दोनों हिस्से पढ़ें
असली यूज़र्स का डेटा बताता है कि विज़िटर क्या अनुभव करते हैं; लैब टेस्ट वजह ढूँढने में मदद करता है।
मुख्य खूबियाँ
असली यूज़र्स का डेटा
वही Chrome UX Report फ़ील्ड डेटा जिसे Google अपने पेज एक्सपीरियंस सिग्नल के लिए इस्तेमाल करता है।
लैब टेस्ट भी शामिल
परफ़ॉर्मेंस स्कोर, LCP, CLS और Total Blocking Time के साथ एक Lighthouse रन।
मोबाइल और डेस्कटॉप
दोनों को अलग-अलग टेस्ट करें, क्योंकि नतीजों में अक्सर काफ़ी फ़र्क़ होता है।
साफ़ रेटिंग
हर मेट्रिक को Google की सीमाओं के हिसाब से "Good", "Needs improvement" या "Poor" रेटिंग मिलती है।
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Core Web Vitals कब जाँचें
परफ़ॉर्मेंस की समस्याएँ जो विज़िटर्स और रैंकिंग पर असर डालती हैं
Search Console की चेतावनियाँ
Search Console ख़राब Core Web Vitals वाले URL को फ़्लैग करता है। पूरी जानकारी देखने के लिए उन्हें यहाँ जाँचें।
उदाहरणSearch Console “LCP issue: longer than 4 s (mobile)” दिखाता है; मौजूदा वैल्यू देखने के लिए URL यहाँ टेस्ट करें।
रीडिज़ाइन से पहले और बाद में
पक्का करें कि नया डिज़ाइन या थीम साइट को धीमा न कर दे।
उदाहरणनई थीम लॉन्च करने से पहले लैब स्कोर नोट करें और बाद में उससे तुलना करें।
ऑनलाइन दुकानें
धीमे प्रोडक्ट पेज बिक्री गँवाते हैं, ख़ासकर मोबाइल पर।
उदाहरणमोबाइल पर प्रोडक्ट पेज टेस्ट करें और LCP धीमा करने वाली बड़ी हीरो इमेज ठीक करें।
क्लाइंट की SEO रिपोर्ट
क्लाइंट को हर मेट्रिक के लिए साफ़ पास या फ़ेल दें, Google के अपने डेटा के आधार पर।
उदाहरणएक एजेंसी मोबाइल पर क्लाइंट का होमपेज टेस्ट करती है और LCP 3.8 s (Poor) को महीने का सबसे ज़रूरी सुधार बताती है।
नई थीम या प्लगइन की जाँच
कोई भारी चीज़ इंस्टॉल करने से पहले और बाद में लैब टेस्ट चलाएँ ताकि उसकी असली क़ीमत दिखे।
उदाहरणएक स्लाइडर प्लगइन Total Blocking Time को 120 ms से 640 ms कर देता है, इसलिए टीम उसे होमपेज से हटा देती है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
प्रतिस्पर्धी पेज टेस्ट करें और देखें कि क्या आपके बीच पेज एक्सपीरियंस एक फ़ैक्टर हो सकता है।
उदाहरणदो प्रतिद्वंद्वी प्रोडक्ट पेज दोनों LCP में पास हैं, लेकिन एक का CLS देर से लोड होने वाले विज्ञापनों की वजह से 0.25 है।
हर मेट्रिक को कैसे सुधारें
आम वजहें और उनके हल
धीमा LCP
सबसे बड़ा एलिमेंट आम तौर पर हीरो इमेज या हेडिंग होता है। इमेज को कंप्रेस और रीसाइज़ करें, और पक्का करें कि सर्वर जल्दी जवाब दे।
Google PageSpeed Insights से, जो Chrome User Experience Report के फ़ील्ड डेटा को Lighthouse लैब टेस्ट के साथ जोड़ता है।
यह क्यों कहता है कि असली यूज़र्स का डेटा नहीं है?
Google फ़ील्ड डेटा सिर्फ़ उन पेज और साइटों के लिए पब्लिश करता है जिन पर पर्याप्त Chrome विज़िटर हों। नई या छोटी साइटों के पास अक्सर अभी यह डेटा नहीं होता; लैब टेस्ट फिर भी काम करता है।
फ़ील्ड और लैब के नतीजे अलग क्यों होते हैं?
फ़ील्ड डेटा असली डिवाइस और नेटवर्क पर 28 दिनों की असली विज़िट का 75वाँ पर्सेंटाइल है। लैब टेस्ट एक सिम्युलेटेड डिवाइस पर एक बार का रन है, इसलिए यह वजहें ढूँढने के लिए सबसे अच्छा है।
अच्छी वैल्यू क्या होती हैं?
LCP 2.5 सेकंड या उससे कम, INP 200 ms या उससे कम, और CLS 0.1 या उससे कम, 75वें पर्सेंटाइल पर मापे गए।
टेस्ट कोटा वाले मैसेज के साथ फ़ेल क्यों हुआ?
Google सीमित करता है कि कितने टेस्ट चल सकते हैं। सीमा पूरी होने पर बाद में फिर कोशिश करें या टेस्ट pagespeed.web.dev पर खोलें।
Core Web Vitals क्या हैं?
असली पेज एक्सपीरियंस के तीन माप: Largest Contentful Paint (लोडिंग), Interaction to Next Paint (प्रतिक्रिया) और Cumulative Layout Shift (विज़ुअल स्थिरता)। Google इन्हें अपने पेज एक्सपीरियंस सिग्नल के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करता है।
FID क्यों नहीं दिखाया जाता?
मार्च 2024 में Core Web Vital के रूप में First Input Delay की जगह Interaction to Next Paint (INP) ने ले ली। INP पेज पर हर इंटरैक्शन को मापता है, सिर्फ़ पहले को नहीं।
75वें पर्सेंटाइल का क्या मतलब है?
चार में से तीन विज़िट कम से कम इतनी तेज़ थीं। Google पेज को 75वें पर्सेंटाइल से आँकता है ताकि स्कोर ज़्यादातर विज़िटर्स को दर्शाए, जिनमें धीमे फ़ोन और कनेक्शन वाले भी शामिल हैं।
मोबाइल टेस्ट करें या डेस्कटॉप?
मोबाइल से शुरू करें। Google रैंकिंग के लिए पेज का मोबाइल वर्शन इस्तेमाल करता है, और फ़ोन आम तौर पर धीमे होते हैं। अगर आपके कई विज़िटर कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं, तो बाद में डेस्कटॉप भी जाँचें।
सुधार दिखने में कितना समय लगता है?
लैब टेस्ट बदलाव तुरंत दिखाता है। असली यूज़र्स का डेटा लगातार आगे खिसकने वाली 28 दिनों की अवधि का होता है, इसलिए फ़ील्ड के आँकड़े पूरी तरह अपडेट होने में चार हफ़्ते तक लग सकते हैं।
क्या localhost या लॉगिन के पीछे वाला पेज टेस्ट कर सकते हैं?
नहीं। Google को पेज तक सार्वजनिक इंटरनेट से पहुँचना होता है, इसलिए लोकल, प्राइवेट और पासवर्ड से सुरक्षित पेज टेस्ट नहीं किए जा सकते।
क्या Core Web Vitals का असर Google रैंकिंग पर पड़ता है?
ये Google के पेज एक्सपीरियंस सिग्नल का हिस्सा हैं, जो सबसे ज़्यादा तब मायने रखते हैं जब प्रतिस्पर्धी पेज प्रासंगिकता में मिलते-जुलते हों। अच्छा कंटेंट अब भी सबसे पहले आता है, लेकिन ख़राब वाइटल्स पेज को पीछे रख सकते हैं।
नतीजा कैश क्यों किया जाता है?
हर टेस्ट Google से पूरा विश्लेषण चलवाता है। एक ही पेज और डिवाइस के नतीजे 10 मिनट तक रखे जाते हैं ताकि बार-बार की जाँच तुरंत हो और साझा कोटा ख़त्म न हो।