सप्लायर ₹2,500 "प्लस GST" बताता है। ग्राहक पूछता है कि ₹1,180 का बिल टैक्स के बिना कितने का होगा। आपका अकाउंटेंट हर बिल पर टैक्स अलग से दिखाने को कहता है। तीनों एक ही छोटा हिसाब है, बस दो में से किसी एक दिशा में, और दिशा गलत होना ही बिल का टोटल मेल न खाने की सबसे आम वजह है।
यह गाइड दोनों दिशाएँ समझाती है: रुपयों में उदाहरण, टैक्स का CGST, SGST और IGST में बँटवारा, और किन गलतियों से बचें। हर आँकड़ा आप मुफ़्त GST कैलकुलेटर से जाँच सकते हैं, जो आपके ब्राउज़र में चलता है।
GST के दो हिसाब
GST का हर सवाल इन दो में से एक होता है:
- GST जोड़ना, ऐसी कीमत में जिसमें अभी टैक्स नहीं है ("₹1,000 प्लस GST")।
- GST हटाना, ऐसी रकम से जिसमें टैक्स पहले से शामिल है ("₹1,180 GST सहित")।
दोनों के फ़ॉर्मूले अलग हैं। GST वाली रकम से सीधे 18% घटा देना गलत जवाब देता है। सबसे ज़्यादा यही गलती होती है।
कीमत में GST जोड़ना
जब कीमत में टैक्स शामिल नहीं है:
- GST की रकम = कीमत × GST रेट ÷ 100
- कुल = कीमत + GST की रकम
18% पर उदाहरण। किसी सेवा की कीमत टैक्स से पहले ₹1,000 है।
- GST = 1,000 × 18 ÷ 100 = ₹180
- कुल = 1,000 + 180 = ₹1,180
5% पर उदाहरण। किसी सामान की कीमत टैक्स से पहले ₹2,500 है।
- GST = 2,500 × 5 ÷ 100 = ₹125
- कुल = 2,500 + 125 = ₹2,625
कुल रकम से GST हटाना
जब रकम में GST पहले से शामिल है, तो प्रतिशत घटाने की जगह भाग दें:
- GST से पहले की कीमत = कुल ÷ (1 + GST रेट ÷ 100)
- GST की रकम = कुल − GST से पहले की कीमत
18% पर उदाहरण। बिल पर GST सहित ₹1,180 लिखा है।
- GST से पहले की कीमत = 1,180 ÷ 1.18 = ₹1,000
- GST = 1,180 − 1,000 = ₹180
सीधे 18% क्यों नहीं घटा सकते? ₹1,180 का 18% ₹212.40 होता है, जिसे घटाने पर ₹967.60 बचता है, जो गलत है। 18% टैक्स से पहले की कीमत पर लगा था, इसलिए कुल रकम को 1.18 से भाग देकर ही पीछे जाना होगा।
GST कैलकुलेटर से हिसाब
- GST कैलकुलेटर खोलें।
- रकम लिखें।
- GST रेट प्रतिशत में लिखें। पहले से 18% भरा रहता है; अपने सामान पर लागू रेट डालें।
- अगर रकम में GST पहले से शामिल है, तो रकम में GST शामिल है पर टिक करें।
लिखते ही कैलकुलेटर तीन आँकड़े दिखाता है: असली कीमत (टैक्स से पहले), GST की रकम और कुल। रेट आप खुद लिखते हैं, इसलिए यह हर रेट पर काम करता है, और आँकड़े आपके डिवाइस पर ही रहते हैं।
टैक्स का बँटवारा: CGST, SGST और IGST
GST की कुल रकम हर हाल में एक ही रहती है, पर बिल पर उसका बँटवारा दिखाया जाता है:
- एक ही राज्य के अंदर (बेचने वाला और खरीदने वाला एक ही राज्य में), टैक्स बराबर-बराबर CGST (केंद्र) और SGST (राज्य) में बँटता है। 18% पर यह 9% CGST और 9% SGST है। ₹1,000 पर बिल में ₹90 CGST और ₹90 SGST दिखेगा।
- दो राज्यों के बीच, पूरी रकम IGST के रूप में लगती है। ₹1,000 पर 18% का मतलब बिल में ₹180 IGST।
- बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में SGST की जगह UTGST लगता है, बँटवारा वैसा ही।
यानी पहले पूरा GST निकालें, फिर राज्य के अंदर की बिक्री हो तो उसे आधा-आधा बाँटें।
कौन सा रेट लगेगा?
GST रेट GST काउंसिल तय करती है, और ये सामान या सेवा पर निर्भर करते हैं। 2025 में रेटों को नए सिरे से तय किया गया, इसलिए पुराने लेखों या बिलों की रेट-सूची अब पुरानी हो सकती है। अपने सामान का मौजूदा रेट CBIC के आधिकारिक GST रेट फ़ाइंडर पर, सप्लायर के हाल के बिल पर या अपने अकाउंटेंट से जाँचें, फिर कैलकुलेटर में डालें।
आम गलतियाँ
- GST सहित रकम से प्रतिशत घटाना। ऊपर बताए तरीके से (1 + रेट ÷ 100) से भाग दें।
- GST दो बार जोड़ना। अगर कोटेशन में पहले से "सहित" लिखा है, तो टैक्स फिर से न जोड़ें।
- बहुत जल्दी राउंड करना। आख़िर तक पूरे आँकड़े रखें और सिर्फ़ अंतिम रकम दो दशमलव तक राउंड करें। हर कदम पर राउंड करने से टोटल में एक-दो पैसे का फ़र्क आ सकता है।
- पुराना रेट इस्तेमाल करना। रेट बदलते हैं; बिल बनाने से पहले मौजूदा रेट पक्का करें।
- बँटवारे में गड़बड़। राज्य के अंदर CGST + SGST, दो राज्यों के बीच IGST। दोनों एक साथ कभी नहीं।
झटपट संदर्भ
| आपके पास है | आपको चाहिए | फ़ॉर्मूला |
|---|---|---|
| GST से पहले की कीमत | GST की रकम | कीमत × रेट ÷ 100 |
| GST से पहले की कीमत | कुल | कीमत × (1 + रेट ÷ 100) |
| GST सहित कुल | GST से पहले की कीमत | कुल ÷ (1 + रेट ÷ 100) |
| GST सहित कुल | GST की रकम | कुल − कुल ÷ (1 + रेट ÷ 100) |
सारांश
GST जोड़ने में गुणा होता है, हटाने में भाग। पहले पूरा GST निकालें, उसके बाद उसे CGST और SGST (या IGST) में बाँटें, और राउंड सिर्फ़ आख़िर में करें। स्प्रेडशीट के बिना जल्दी जाँचने के लिए GST कैलकुलेटर में रकम और रेट डालें, और टैक्स पहले से कीमत में हो तो "शामिल है" पर टिक करें।
यह गाइड सिर्फ़ हिसाब समझाती है। आपके व्यवसाय पर कौन सा रेट या नियम लागू होता है, इसके लिए किसी योग्य टैक्स सलाहकार से पूछें।




